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what is operating system in hindi || ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है इन हिंदी

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है इसके बारे में अगर आप लोग का आंसर ढूंढ रहे हैं तो आप लोगों को आज इस में पूरा का पूरा अवसर मिलने वाला है operating system से रिलेटेड की ऑपरेटिंग सिस्टम कैसे काम करता है operating system के कौन-कौन से कार्य हैं तथा ऑपरेटिंग सिस्टम से अन्य सारी जानकारियां आपको इसमें देखने को मिलेंगे हम आपको बता दें दोस्तों अगर आप ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में खुलने वाली लेना चाहते हैं कंप्यूटर के बारे में तो हमने इसमें आपको लगभग सभी जानकारी शेयर करने की कोशिश की है अगर आपको पोस्ट पसंद आएगा तो इसको शेयर जरूर करना तो चले स्टार्ट करते हैं

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है (what is operating system)

“ऑपरेटिंग सिस्टम एक प्रोग्राम होता है जिसके माध्यम से कंप्यूटर में अन्य सॉफ्टवेयर का संचालन होता है ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से कोई भी सॉफ्टवेयर आपके कंप्यूटर पर संचालित होती है” यानी कि ऑपरेटिंग सिस्टम आपके कंप्यूटर को चलाने में पूरी तरह से रोल निभाता है इसके साथ-साथ ऑपरेटिंग सिस्टम यूजर तथा कंप्यूटर के बीच में एक अच्छा इंटरफ़ेस स्थित करता है इसमें बहुत सारे कार्य होते हैं
ऑपरेटिंग सिस्टम की यानी कि अगर कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम ना हो तो वह कंप्यूटर चल ही नहीं सकता यहां तक कि बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के कंप्यूटर ऑन भी नहीं होगा यहां पर बहुत सारे ऑपरेटिंग सिस्टम होते हैं मोबाइल में भी ऑपरेटिंग सिस्टम होता है अगर बात करें तो ऐसे छोटे नामों से ओह यस कहा जाता है ऑपरेटिंग सिस्टम को चलिए एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं हम आपको बता दें कि जैसे कि मनुष्य के पास दिल होता है और अगर उसके पास दिल ना हो या फिर जानना हो तो वह बिल्कुल भी निर्जीव हो जाएगा और कोई भी कार्य करने में सफल रहेगा
यानी कि कोई भी कार्य ढंग से नहीं कर पाएगा या फिर कहीं नहीं करेगा ठीक इसी प्रकार से ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर का दिल कहा जाता है ऑपरेटिंग सिस्टम को कहा जाता है क्योंकि बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के कंप्यूटर नहीं होता है इसीलिए ऑपरेटिंग सिस्टम काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है कंप्यूटर के लिए इस ऑपरेटिंग सिस्टम का बहुत सारे कार्य होते हैं जो कंप्यूटर में दिखाई देते हैं कंप्यूटर में जितने भी चीजें आप देखते हैं आपको सूचना दी जाती है या फिर आपको हैरत बताया जाता है
 बहुत सारी चीजों के बारे में आपको जानकारी होती है यह सारी की सारी चीजें ऑपरेटिंग सिस्टम के जरिए से चलती हैं अगर आप कोई भी एप्लीकेशन ओपन करते हैं मोबाइल में या फिर कहीं अन्य कंप्यूटर में तो वहां ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से ही उस एप्स का संचालन होता है यहां तक कि हम आपको बता दें कि यहां पर कुछ पॉपुलर ऑपरेटिंग सिस्टम दिए गए हैं जिसका नाम आपने कहीं ना कहीं पर जरूर सुना होगा

ऑपरेटिंग सिस्टम के नाम ( name of operating system)

  • Android operating system
  • Windows operating system
  • Linux operating system 
  • windows 8  operating system  
  • Windows 10 operating system
जैसा कि आप लोग देखते हैं दोस्तों हमने यहां पर आपको कई ऑपरेटिंग सिस्टम के नाम बताए हैं जो कि काफी ज्यादा पॉपुलर ऑपरेटिंग सिस्टम है एंड्रॉएड ऑपरेटिंग सिस्टम आपको मोबाइल में देखने को मिलेगा जो कि काफी ज्यादा पॉपुलर है एंड्रॉयड में चलता है यहां पर एंड्राइड का सॉफ्टवेयर विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम पर नहीं चल सकता है और विंडोज का सॉफ्टवेयर एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर नहीं चल सकता है इस प्रकार से यहां पर जो पॉपुलर ऑपरेटिंग सिस्टम है उनके हमने नाम दिए हैं इसके साथ-साथ चलिए हम आपको बताते हैं कि ऑपरेटिंग सिस्टम के क्या क्या कार्य होते हैं और किस प्रकार से ऑपरेटिंग सिस्टम काम करता है हमारे मोबाइल में और एंड्राइड तथा विंडोज में मोबाइल और कंप्यूटर में

ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य (Operating system functions Hindi)

  1. मेमोरी मैनेजमेंट (memory management)
  2. सॉफ्टवेयर मैनेजमेंट (software management)
  3. फाइल मैनेजमेंट (file management)
  4. प्रोसेसर मैनेजमेंट (proceser management)
  5. मल्टीपल टास्क कंप्लीट (maltipal task complete)
  6. डिवाइस मैनेजमेंट (device management)
  7. नेटवर्क मैनेजमेंट (network management)
  8. डिवाइस सिक्योरिटी मैनेजमेंट( device management)
  9. आदर डिवाइस कनेक्ट मैनेजमेंट (other devices contact management )
  10. यूजर इंटरफेस एक्सपीरियंस (user inter face experience)
  11. रेम मेमोरी मैनेजमेंट (ram memory management )

1. मेमोरी मैनेजमेंट (memory management)

मेमोरी मैनेजमेंट क्या आप लोग जानते हैं कि ऑपरेटिंग सिस्टम आपके विंडोज या फिर आपके मोबाइल में कैसे मेमोरी का मैनेजमेंट करता है हम आपको बता दें दोस्तों की आप हम अपनी मेमोरी में बहुत सारा डाटा सेव करके रखते हैं या सारे डाटा सेव होना ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से ही संभव होता है यानी कि ऑपरेटिंग सिस्टम आपके मोबाइल का jaan  है आपके कंप्यूटर का dil है और उसी में सारा कुछ उसी से होता है इसीलिए हम आपको बता दें कि मेमोरी का मैनेजमेंट कितना डाटा कहां पर लग रहा है 
यह सारा जानकारी या रखता है कि आपकी मेमोरी में कितना डाटा है और अभी आपकी मेमोरी कितना खाली है आप अलग से जब भी कोई मेमोरी लगाएंगे उसका भी मैनेजमेंट सिस्टम कर लेता है ऑपरेटिंग सिस्टम काफी ज्यादा अच्छे से मेमोरी मैनेजमेंट करता है मेमोरी में वह सारी फाइलें या सेव करता है जैसे की वीडियो फाइल ऑडियो फाइल फोटो फाइल अंसारी बहुत सारी चीजों को यह मेमोरी में मैनेजमेंट करता है चलिए हम लोग अगले ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में बात करते हैं

2. सॉफ्टवेयर मैनेजमेंट (software management)

सॉफ्टवेयर मैनेजमेंट हम आपको बता दें दोस्तों के ऑपरेटिंग सिस्टम आप का सॉफ्टवेयर कैसे मैनेजमेंट करता है जब भी आप अपने कंप्यूटर में किसी भी सॉफ्टवेयर का संचालन करते हैं तो क्या आप जानते हैं कि आप का सॉफ्टवेयर कैसे चलता है और किसके दम पर चलता है तो अगर नहीं जानते हैं तो हम आपको बता दें कि सॉफ्टवेयर मैनेजमेंट ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा होता है आपके कंप्यूटर में विंडोज या फिर एंड्राइड कोई भी ऑपरेटिंग सिस्टम हो उसमें सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम के ऊपर ही चलता है
 और सॉफ्टवेयर का पूरा मैनेजमेंट ऑपरेटिंग सिस्टम ही करता है यानी की सारी चीजों को ऑपरेटिंग सिस्टम हैंडल करता है कि सॉफ्टवेयर कितने फास्ट आपके पास चलती है यह सारी चीजें ऑपरेटिंग सिस्टम के ऊपर डिपेंड होता है यहां पर बहुत सारे ऑपरेटिंग सिस्टम फ्री में होते हैं और बहुत सारे ऑपरेटिंग सिस्टम paid में भी आते हैं उनका कुछ अलग ही एडवेंचर होता है यहां पर सब मैनेजमेंट हम आपको बता रहे हैं यहां पर हम आपको बता दें कि सॉफ्टवेयर में कोई भी इशू होता है सॉफ्टवेयर में कोई परेशानी होती है चलने में तो यह सारी सूचनाएं आपको ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से मिल जाता है जैसे कि ऑपरेटिंग सिस्टम बता देता है 
कि यह सॉफ्टवेयर कितना लोड ले रहा है आपकी कंप्यूटर के ऊपर और यह सॉफ्टवेयर आप कितने टाइम तक यूज किए हो कितने बैटरी इसमें लगा है यानी कि उस सॉफ्टवेयर के बारे में पूरा का पूरा डाटा रखता है जिससे आपको अपने एप्लीकेशन के बारे में सब कुछ पता होता है कि कैसे क्या हमने किया है इसके साथ-साथ ऑपरेटिंग सिस्टम का एसपी काफी ज्यादा अच्छा होता है चलिए हम आपको बताते हैं

3. फाइल मैनेजमेंट (file management)

फाइल मैनेजमेंट ऑपरेटिंग सिस्टम फाइल को मैनेज करता है यानी कि जब भी आप कोई भी डॉक्यूमेंट डाउनलोड करते हैं या कोई फाइल बनाते हैं चाहे वह टेक्स्ट फाइल हो या फिर कोई भी फाइल हो वह आपके कंप्यूटर में सेव करते हैं कंप्यूटर में सेव करना फाइल का यह सारा काम ऑपरेटिंग सिस्टम का ही होता है जबकि ऑपरेटिंग सिस्टम आपके फाइल का पूरा डिटेल भी बता देता है कि आपने फाइल कब बनाया था और फाइल कब आपने सेंड किया है 
और यह फाइल कितने एमबी का है कितने केबी का है यह सारी चीजें ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से आपको सूचना मिलता रहता है यह सारी चीजें यानी फाइल मैनेजमेंट ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा होता है अगर आप लोग कंप्यूटर का उपयोग करते होंगे तो आपको पता होगा कि कैसे होती है कहां पर होती है तो उसी प्रकार से यह सारी चीजें जो होते हैं वह ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से ही संभव होती हैं

4. प्रोसेसर मैनेजमेंट (proceser management)

हम आपको बता दें दोस्तों के प्रोसेसर मैनेजमेंट किस प्रकार से ऑपरेटिंग सिस्टम करता है जिस प्रकार से आप लोग अपने कंप्यूटर में देखे होंगे कि दो सॉफ्टवेयर एक बार खोल दिए एक ही साथ में खोल देते हैं तो वहां पर प्रोसेसर क्या होता है प्रोसेसर आपके सॉफ्टवेयर का स्पीड में काम करता है यानी कि प्रोसेसर जितना हाई क्वालिटी का रहेगा आपका सॉफ्टवेयर उतना ही ज्यादा स्पीड में चले गए यहां पर अगर आप ने मान कर चलिए
 की दो से तीन सॉफ्टवेयर को ओपन कर दिया और तब यहां पर ऑपरेटिंग सिस्टम या मेहनत करेगा कि आखिर में ऑपरेट प्रोसेसर कितना कितना देना है और कितना कितना प्रोसेसर का काम किस किस सॉफ्टवेयर पर है किस सॉफ्टवेयर का काम है या नहीं है यह सारी चीजें ऑपरेटिंग सिस्टम मैनेज करता है जिसके माध्यम से आप बहुत ही आसानी के साथ अपने कंप्यूटर का उपयोग कर पाते हैं

5. मल्टीपल टास्क कंप्लीट (maltipal task complete)

मल्टीपल टास्क कंप्लीट का मतलब यह होता है कि एक ही समय में दो-तीन सॉफ्टवेयर पर काम करना इस प्रकार से यह तभी संभव होता है कि आपके ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से ही यह चीज संभव होता है कि आप एक ही समय में दो से तीन सॉफ्टवेयर ओपन कर लेते हैं जैसे कि आपने व्हाट्सएप ओपन कर लिया क्रोम ब्राउज़र ओपन कर लिया इसी के साथ-साथ आप एक दो सॉफ्टवेयर ओपन कर लेते हैं जिससे आपको छोटे-छोटे विंडोज में सभी सॉफ्टवेयर का उपयोग कर सकते हैं यह सारी चीजें मल्टीपल टास्क होता है यह आपके काम को आसान बनाता है और आप के समय का बचत करता है इस प्रकार से आप लोग मल्टीपल टास्क ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से ही कंप्लीट होता है

6. डिवाइस मैनेजमेंट (device management)

डिवाइस मैनेजमेंट क्या है हम आपको बता दें दोस्तों की डिवाइस मैनेजमेंट ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से होता है ऑपरेटिंग सिस्टम डिवाइस का मैनेजमेंट करता है कि आपके डिवाइस में कोई गड़बड़ी तो नहीं है आपकी डिवाइस में बैटरी कितनी बची है आपकी डिवाइस स्विच ऑफ होने वाली है आपके डिवाइस में यह चीजें कनेक्ट हो चुकी है जैसे कि आप लोगों ने ब्लूटूथ तथा अन्य चीजों के बारे में सुना होगा तो इस प्रकार से यह सारी चीजों का इंफॉर्मेशन ऑफ तक ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से पहुंचता है
 जैसा कि हमने बताया कि ऑपरेटिंग सिस्टम भी एक प्रकार का प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है प्रोग्राम किया गया है सॉफ्टवेयर के संचालन के लिए जो कंप्यूटर में इंस्टाल होता है इसके साथ हम आपको बता दें कि डिवाइस मैनेजमेंट आपके कंप्यूटर में जो टेक्निकल इश्यूज होते हैं यहां तक कि आपके कंप्यूटर में मेमोरी फुल हो जाती है तो क्लीन करने का ऑप्शन आता है यह सारी चीजें ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से ही होता ह

7. नेटवर्क मैनेजमेंट (network management)

जैसा कि आप लोगों ने अपने कंप्यूटर में बहुत सारे नेटवर्क को कनेक्ट करते देखा होगा बहुत सारी कनवर नेटवर्क कनेक्ट होती है जैसे कि वाईफाई सिम कार्ड वीपीएन इस प्रकार से हम आपको बता दें कि यह सारे नेटवर्क मैनेजमेंट ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से होता है जैसे कि नेटवर्क का कनेक्ट होना नेटवर्क में कोई issue hona नेटवर्क की स्पीड में कमी होना तथा नेटवर्क के स्पीड बताना नेटवर्क की 4G 3G यह सारी चीजें बताना ऑपरेटिंग सिस्टम का कार्य होता है और ऑपरेटिंग सिस्टम आप तक अच्छे से यह सारी इनफार्मेशन पहुंचाता रहता है जैसे कि आपने ऊपर हमें भी देखा होगा हर एक कंप्यूटर अकैडमी स्पीड बताता रहता है कि आपके नेटवर्क स्पीड कितना है इस प्रकार से नेटवर्क मैनेजमेंट ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा होता है

8. डिवाइस सिक्योरिटी मैनेजमेंट( device management)

डिवाइस सिक्योरिटी मैनेजमेंट हम आपको बता दें दोस्तों आप लोगों ने जब अपना कंप्यूटर स्विच ऑफ ऑन करते हैं तो वहां पर पासवर्ड मांगा जाता है और अगर बिना सही पासवर्ड दे उस कंप्यूटर को कोई भी एक्सेस नहीं कर सकता है या ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से ही होता है ऑपरेटिंग सिस्टम आपके डिवाइस का डाटा सुरक्षित रखता है इसके साथ-साथ आपके कंप्यूटर को भी सुरक्षित रखता है 
तथा दूसरे सिक्योरिटी के मामले में काफी ज्यादा अच्छा का ऑपरेटिंग सिस्टम है जो आपके कंप्यूटर की देखभाल करता है और अच्छे से आपके कंप्यूटर की सिक्योरिटी करता है यहां पर जब तक आपका सही पासवर्ड नहीं डालेंगे तब तक आप ऑपरेटिंग सिस्टम को एक्सेस नहीं कर पाएंगे इसीलिए यहां पर यह सारे काम होते हैं वह डिवाइस सिक्योरिटी मैनेजमेंट का कार्य ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा हैंडल होता है

9. आदर डिवाइस कनेक्ट मैनेजमेंट (other devices contact management )

यहां पर अदर डिवाइस कनेक्ट मैनेजमेंट का मतलब है कि किसी दूसरे डिवाइस को कनेक्ट करना जैसे कि कंप्यूटर में आप लोगों ने देखा होगा कि मोबाइल को कंप्यूटर से कनेक्ट कर दिया जाता है यहां तक कि डीवीडी प्लेयर को कंप्यूटर के साथ में कनेक्ट कर दिया जाता है कि बोर्ड को कनेक्ट कर दिया जाता है फिंगरप्रिंट को कनेक्ट कर दिया जाता है ऐसे बहुत सारी डिवाइस होती हैं जो कि कनेक्ट हो जाती हैं कंप्यूटर से तो यह सारा काम कनेक्ट होने का काम तथा इसके बारे में सूचना प्रदान करने का काम ऑपरेटिंग सिस्टम का होता है इस प्रकार से आप लोग एक अच्छा एक्सपीरियंस देखने को मिलता है

10. यूजर इंटरफेस एक्सपीरियंस (user inter face experience)

यूज़र इंटरफ़ेस का मतलब यह होता है कि जो भी कंप्यूटर का यूजर है उसके सामने काफी ज्यादा एक्सपीरियंस ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से होता है जैसे कि कम समय में अपने काम को कंप्लीट करना तथा कंप्यूटर को फास्ट चलाने और यूजर और कंप्यूटर के बीच में तालमेल मिलाना यह सारे काम ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से ही होता है और इस प्रकार से ऑपरेटिंग सिस्टम का एक्सपीरियंस यूजर के साथ काफी ज्यादा अच्छे से जुड़ गया है यहां पर कोई भी चीज होती है वह बहुत ही आसान भाषा में उजड़ के सामने इंटरफ़ेस होता है जिससे यूजर समझ सके हर एक सूचनाओं को और हर एक प्रॉब्लम को ऑपरेटिंग सिस्टम कहते हैं यह सारी चीजें होती हैं

11. रेम मेमोरी मैनेजमेंट (ram memory management )

हमने आपको मेमोरी मैनेजमेंट के बारे में तो कर बता ही दिया है कि मेमोरी मैनेजमेंट किस प्रकार से ऑपरेटिंग सिस्टम करता है लेकिन यहां पर रैम मेमोरी जो होती है उसका मैनेजमेंट कैसे होता है यहां पर जब भी आप सॉफ्टवेयर ओपन करते हैं तो वहां पर रहे में मेमोरी वर्क करता है अगर रे मेमोरी खाली नहीं है तो आप दूसरा सूट पर ओपन नहीं कर सकते हैं मतलब कि जब तक आप एक सॉफ्टवेयर बंद नहीं करेंगे तब तक दूसरा सॉफ्टवेयर एप ओपन नहीं कर पाएंगे इसलिए अगर आप दो से तीन सॉफ्टवेयर चलाते हैं एक साथ में तो वहां पर रहे मेमोरी खाली रहता है तो वहां पर ऑपरेटिंग सिस्टम यह मैनेज करता है कि कितना memory किसको लगता है और कितना मेमोरी किसको चाहिए इसके माध्यम से ऑपरेटिंग सिस्टम इन सारी के सिस्टम को मैनेज करता है

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है पूरी जानकारी

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है इसके बारे में तो हमने ऊपर पूरी की पूरी बात ही कर डाली है कि ऑपरेटिंग सिस्टम कैसे काम करता है और ऑपरेटिंग सिस्टम है क्या यह से आपको अच्छे से समझ में आ गया होगा कि ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है और कैसे काम करता है यहां पर हम आपको बता दें इसका निष्कर्ष हम आपको बता दें दोस्तों की ऑपरेटिंग सिस्टम वह सभी कार्य करता है जो कार्य अपने कंप्यूटर में आप लोग करते हैं और जितनी भी एक्टिविटी आपके कंप्यूटर में होती है वह सारी की सारी ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से ही होती हैं इस प्रकार से आपके डिवाइस को सिक्योर और सिक्योरिटी से बचाए रखता है
 अन्य बहुत सारी चीजें मामलों में यानी पूरा का पूरा कंप्यूटर है आपके ऑपरेटिंग सिस्टम के ऊपर डिपेंड होता है ऑपरेटिंग का एक छोटा नाम है इसको कहते हैं या फिर से कंप्यूटर का दिल भी कहा जाता है ऑपरेटिंग सिस्टम जब आप कोई लैपटॉप या कंप्यूटर दुकान पर जाते हैं तो वहां पर सबसे पहले विंडोज या फिर कोई अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर या लैपटॉप में डलवा लेते हैं जिससे आपकी लैपटॉप या कंप्यूटर चलती है अगर ऑपरेटिंग सिस्टम ना डाला जाए तो आपका कंप्यूटर और लैपटॉप ओपन भी नहीं होगा इस प्रकार से आप लोग काफी ज्यादा आसानी के साथ कार्य कर सकते हैं यहां पर ऑपरेटिंग सिस्टम आपके कार्य को सफल और सफल बनाता है यानी कि आपको हर एक चीज का सूचना प्रदान करता रहता है
 ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में आपको पूरी जानकारी दे दी गई है अगर आपको कोई भी कोई भी है तो आप कमेंट बॉक्स में जरुर पूछ सकते हैं इसके साथ-साथ हम आपको बता दें कि आप हमारा सपोर्ट करें और फॉलो करें अगर आपको पसंद आया है ऑपरेटिंग सिस्टम का पोस्ट तो आप इसको अपने फ्रेंड के साथ शेयर भी कर सकते हैं

हमने क्या  सीखा

क्या जानते हैं कि हमने क्या सीखा मतलब कि आपने पूरा पोस्ट पढ़ लिया और आपने क्या सीखा इसके बारे में थोड़ा हम लोग बात कर लेते हैं आपको यहां पर ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में पूरी की पूरी जानकारी मिल गई है जैसे कि ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है ऑपरेटिंग सिस्टम कैसे काम करता है ऑपरेटिंग सिस्टम क्यों कंप्यूटर में लगता है और ऑपरेटिंग सिस्टम का क्या कार्य होता है ऑपरेटिंग सिस्टम कितने पैसे में आता है ऑपरेटिंग सिस्टम फ्री में आता है या पेड़ में आता है यह सभी चीजों के बारे में जानकारी दे दी गई है तो आप लोग चाहे तो उसको पढ़ सकते हैं ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में कितने प्रकार के होते हैं ऑपरेटिंग सिस्टम कौन-कौन से हैं इन सभी चीजों के बारे में हमने आपको जानकारी बताने की कोशिश की है और जैसा की आप लोगों ने ऊपर पढ़ सकते हैं और अच्छी जानकारी ले सकते हैं
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